जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में शुरू हुई उच्च तकनीक ( TARM) से वेंट्रल हर्निया की सर्जरी, JLN में अत्याधुनिक तकनीक से हर्निया का जटिल आपरेशन

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 17-JUNE-2023 || अजमेर || _जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में शुरू हुई उच्च तकनीक ( TARM) से वेंट्रल हर्निया की सर्जरी।_ _JLN में अत्याधुनिक तकनीक से हर्निया का जटिल आपरेशन_ *एडवांस्ड लेपेरोस्कोपिक सर्जन डॉ अनिल के शर्मा ने किया वेंट्रल हर्निया के लिए अत्याधुनिक TARM (टार्म) तकनीक से ओपेरेशन* दूरबीन सर्जरी के नित नए आयाम स्थापित करते JLN HOPAPITAL में एक ओर आयाम हाल ही में जलन हॉस्पिटल में नाभि के आसपास के विभिन्न हर्निया के लिए DR अनिल के शर्मा ने चार पांच मरीजो का अत्याधुनिक TARM तकनीक से उपचार किया, सभी ने अजमेर जयपुर, अहमदाबाद कई डॉक्टर्स को दिखाया, ज्यादातर ने चीरा लगा कर ऑपरेशन करने की दी सलाह। चीरा लगाने के डर से नहीं कारवाना चाहते ऑपरेशन।कुछ जगह दूरबीन सर्जरी के बारे में बताया पर काफी ज्यादा खर्चा बताया। डॉ अनिल शर्मा को दिखाया तो उन्होने जेएलएन अस्पताल में हो रहे एडवांस तारिको से होने वाले ऑपरेशन के बारे में बताया। क्या होता है वेंटरल एब्डोमिनल हर्निया? नाभि से या उसके ऊपर व नीचे जब पेट की दीवार कमजोर हो जाती है या किसी ओपरेशन के बाद कमजोर हो जाती है तो आंत या उससे जुडी ओमेंटम छेद से बहार आ जाति है और उसके सडने या गलने का खतरा रहता है। कैसे पता लगता है डॉअनिल कुमार शर्मा ने बताया की वैसे तो ये क्लिनिकल डायग्नोसिस होता है पर आगे कई जानकारी के लिए पेट की सोनोग्राफी व CT स्कैन करवाई जा सकती है। क्या है उपचार? सर्जरी इसका एक मात्र उपचार है। पुराने तरीके से चीरा लगा कर भी ऑपरेशन किया जाता था पर अब जे.एल.एन अस्पातल मैं नई तकनीकों (TARM) के जरिये छोटे चीरे से किया जा रहा है ऑपरेशन साथ में ही मेश भी लगाई जाती है जिसे अंदर की दीवार मजबूत हो जाती है। ये सभी उपचार राजस्थान की चिरंजीवी योजना के अंतरगत बिल्कुल मुफ्त में किया जा रहा है । क्या है T.A.R.M? दूर्बीन के रास्ते पेट माई जाकार एब्डोमिनल की मसपेशियों के पीछे लगाती है जाली। एच.ओ.डी डॉ. श्याम भूतडा के निर्देशन में जे.एल.एन. मे किए जा रहे हैं एडवांस तारिके के ऑपरेशन। टीम: सर्जरी से डॉ. अनिल शर्मा डॉ. डॉ प्रदीप,डॉ कमल बंसल, डॉ राजेश डॉ. शीतांशु गुप्ता , डॉ. रोहित एनेस्थीसिया से एचओडी डॉ वीणा माथुर के निर्देश मे डॉ. कुलदीप, डॉ ऋचा डॉ. बिदिशा और स्टाफ़ इंचार्ज गीता मोल, स्टाफ़ रामसिंह, सुरेंद्र । एक ही दिन में मिली छुट्टी। डॉ अनिल से इस अवसर के लिए विभागाध्यक्ष डॉ श्याम भूतड़ा का आभार व्यक्त किया व प्रिंसिपल श्री वीर बहादुर सिंह, अधीक्षक dr नीरज गुप्ता व अस्पताल प्रशासन का अत्याधुनिक उपकरणों व सुविधाओ के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ अनिल ने बताया डॉ vb सिंह के नेतृत्व में अस्पताल में नित नई प्रगति हो रही है, जिसका सारा श्रेय प्रिंसिपल श्री VB सिंह, श्री नीरज गुप्ता व अस्पताल प्रशाशन को जाता है *क्या होता है मिडलाइन वेंट्रल हर्निया* ये पेट के बीचले हिस्से में नाभि के उपर या नाभि में या नीचे कही भी होने वाले समस्त हर्निया के लिए एकीकृत नाम/कॉमन टर्म दिया गया है *Types* ये 5 प्रकार के होते है जो निम्न प्रकार से हैं - 1 सबजीफोइड - छाती के जस्ट नीचे होने वाले हर्निया जो सामान्यतया *हृदय की बायपास* सर्जरी के बाद होता है 2 एपीगैस्ट्रिक जो नाभि ओर हृदय के बीच वाले हिस्से में होते है और इसमें चर्बी, पेट की झिल्ली व बड़ी आंत फंसती है और काफी कॉमन वैरायटी है 3 अमबिलीकल हर्निया इसमें नाभि के आसपास हर्निया होता है जो नाभि बाहर आने के रूप में होता है 4 इंफ्राअमबिलिकल व 5 सुपरा प्यूबिक हर्निया ये नाभि के नीचे होते है व सामान्यतः किसी ओपेराशन के बाद होते है जैसे सीजेरियन या बच्चे दानी के ओपेराशन के बाद *क्या हैं उपचार के तरीके* 1 सामान्यतः इसको चीरा लगा कि बंद करके फिर मजबूती के लिए जाली लगा कर ओपेराशन किया जाता है इसमें जाली चमड़ी के नीचे या मांसपेशियों के बीच लागई जाती है फायदा - ओर ये तरीका सस्ता होता है व ज्यादातर जगह उपलब्ध होता है। नुकसान- परंतु ओपन ओपेराशन में बड़े चीरे, ज्यादा दर्द, टांको में इन्फेक्शन, मांस गलना, पानी भरना व रिकवरी में लगने वाले ज्यादा समय की समस्या रहती है 2 दूरबीन सर्जरी इसमें दूरबीन से पेट के अंदर जाली लगाई जाती है जिस से बड़े चीरे ओर ओपन सर्जरी से होने वाली समस्याओं का कम सामना करना पड़ता है। परंतु पेट में आंत के पास लगाने के कारण सामान्य जाली की जगह विशेष जाली का उपयोग किया जाना आवश्यक हैं जो आंत के चिपकने की संभावना बहुत कम होती है परन्तु इनकी कीमत सामान्य जाली से 10 से 20 गुना से भी ज्यादा होति है और इसको पेट मे फिक्स करने के लिए विशेष उपकरण की जरूरत पड़ती है जो काफी महंगा होता है फायदे - कम दर्द, जल्द रिकवरी व इन्फेक्शन का कम खतरा नुकसान - इसमें ज्यादा सर्जिकल कुशलता चाहिए होती है औरविशेष उपकरणों की आवश्यकता के कारण कम जगह उपलब्ध होती है, पेट ने आंत चिपकने व रुकावट के आसार 3 नई दूरबीन तकनीकें इन अत्याधुनिक दूरबेन तकनीकों में जाली पेट की झिल्ली या मांसपेशियों की परतों के बीच लगाई जाती है, TARM इसी के अंतर्गत आती है *क्या है TARM* ये अत्याधुनिक दूरबीन हर्निया सर्जरी है जिसमे में सामान्य जाली व उपकरणों व धागों का उपयोग किया जाता है परंतु सबसे जटिल विधि होती है ओर इसमें सबसे ज्यादा सर्जिकल कुशलता की जरूरत होती है इसमें दूरबीन पेट की मांस पेशियों की परतों के बीच जाली लगाई जाती है जो ओपन सर्जरी में भी सबसे मजबूत रिपेयर मानी नी जाती है ओपेराशन से पहले पूरे पेट की जांच की जाती है जिस से हर्निया के अंदर फंसी आंत व अन्य अंगों को अच्छी तरह निकाला जा सकता है और हर्निया के छेद को बंद कर के सामान्य जाली से रिपेयर की जाती है जिसको फिक्स करने की जरूरत भी नही होती है नुकसान - अतिकुशलता की जरूरत के कारण बहुत ही कम जगह उपलब्धता, ओपेराशन में ज्यादा समय लगना फायदा - सामान्य उपकरणों ओर सामान्य जाली से, बहुत कम खर्चे में दूरबेन सर्जरी के फायदे, तीनों में सबसे मजबूत रिपेयर वाला विकल्प, जल्द रिकवरी, सबसे कम इन्फेक्शन का खतरा, आंत चिपकने का सबसे कम खतरा, आंत फांसी ही तो भी काम मे ली जा सकती है, मैश/जाली को फिक्स करने की जरूरत नही पड़ती है केस 1 epigastric एपीगैस्ट्रिक हर्निया किशोर ( परिवर्तित नाम) 50yr, निवासी अजमेर,जिनका खुला व्यवसाय है, काफी दिनों से नाभि के ऊपर सूजन से परेशान थे, जो धीरे धीरे बढ़ रही थी। परंतु ऑपरेशन से डर व रिकवरी में लगने वाले समय के कारण इसका इलाज नही करवा पा रहे थे और दूरबीन सर्जरी के बेहद खर्चे के कारण घबरा रहे थे ओर हर्निया वापस होने का भी डर था अंततः नाम सुन के वो dr अनिल के पास पहुँचे जिन्होंने चिरंजीवी योजना के अंर्तगत ही नई टेक्निक से दूरबीन से ऑपेरशन का निर्णय लिया। और हर्निया में फंसी आंत व उसकी झिल्ली को हटा के छेद दूरबीन से ही बंद करके सामान्य जाली से ही दूरबीन सर्जरी का फायदा दिलाया/ ऑपेरशन के अगले दिन घूमना खाना पीना व कुछ ही दिनों में सामान्य दिनचर्या में आ गए। बड़े हर्निया के छेद के कारण वहाँ पानी भरने की समस्या हुई जो कुछ दिन में दवाइयों से सुख गया। *केस 2 umbilical अम्बिलिकल हर्निया* अजमेर निवासी एडवोकेट /अधिवक्ता विकास जी काफी दिनों से नाभि की सूजन से पीड़ित थे जिस से दर्द होता रहता था और धीरे धीरे बड़ी हो रही थी, परन्तु भागदौड़ का काम होने से ओपन हर्निया सर्जरी नही कराना चाह रहे थे। JLN में ही कार्यरत अपने भाई के साथ अपनी भाभी की दूरबीन सर्जरी के सिलसिले में डॉ अनिल के शर्मा से मिले तो कंसल्ट किया और सामान्य दूरबीन सर्जरी के बारे में जानकारी ली, निजी अस्पताल में कराने की बात सोची, पर बहुत ज्यादा खर्च होने पर वापस डॉ अनिल से मिले, जिन्होंने चिरंजीवी योजना के अंतर्गत ही अत्याधुनिक दूरबीन सर्जरी के बारे में बताया तो विकास जी तुरन्त तैयार हो गए और अपनी बीमारी से मुक्ति पाई। केस 3 Nisha (परिवर्तित नाम) का कुछ सालों पहले बच्चे पैदा होते समय ऑपरेशन हुआ जिसके कुछ समय बाद उन को नाभि के नीचे काफी समय से सूजन थी और लगातार बढ़ रही थी और उसमें दर्द भी बढ़े जा रहा था। परन्तु पारिवारिक परिस्थितियों के कारण ऑपेरशन नही करवा पा रही थी और ओपेराशन क बाद लंबे समय तक ध्यान रखने के लिए कोई न होने से ओपेराशन नहीं हो पा रहा । ये समस्या dr अनिल को बताई तो उन्होंने दूरबीन से ओपेराशन जटिल होने परन्तु, मजबूत होने व जल्द रिकवरी के बारे में बताया और ऑपेरशन के लिए भर्ती किया

Comments

Popular posts from this blog

गुलाम दस्तगीर कुरैशी की पुत्री मनतशा कुरैशी ने 10 वीं बोर्ड में 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर किया नाम रोशन

अजमेर उत्तर के दो ब्लॉकों की जम्बो कार्यकारिणी घोषित

विवादों के चलते हों रही अनमोल धरोहर खुर्द बुर्द व रिश्ते तार तार