मंगलमय चातुर्मासिक प्रवेश

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 28-JUNE-2023 || अजमेर || ओजस्वी वक्ता, संवर प्रेरक ,संघनायक पूज्य गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि जी महाराज सा आदि ठाणा का मंगल प्रवेश नवकार कॉलोनी स्थित महावीर भवन में हुआ।महावीर भवन में आयोजित धर्म सभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुनि श्री जी ने फरमाया कि यह मंगल प्रवेश केवल संतों का ही नहीं है बल्कि श्रावक श्राविकाओ का भी है अतः आपको अपने आपको ज्यादा से ज्यादा धर्म ध्यान में, त्याग तपस्या और धर्मगुरुओं से जोड़ना है इन सब गतिविधियों को आपको मजबूरी में नहीं बल्कि मन की भावना से करना है , मन की शुद्धता के साथ की गई धर्म साधना ही सच्ची साधना होती है ,पवित्र मन में ही भगवान को बैठाया जा सकता है उनका प्रतिबिंब उसमें अपने आप झलक जाएगा, हमें तो केवल और केवल अपने मन को साफ करने का प्रयास करना है और इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना अपने आप को वीतराग वाणी से जोड़ना है जिस प्रकार गंदे कपड़े को साबुन ,सर्फ, सोडा आदि साधनों का उपयोग कर साफ किया जाता है उसी प्रकार वीतराग वाणी में पाप को धोने के अनेक साधन मौजूद है हमें तो बस उसमें श्रद्धा के साथ जुड़ना है याद रखें की बाहर की सफाई की अपेक्षा अंदर की सफाई बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, जैसे बर्तनों को बाहर की अपेक्षा अंदर से ज्यादा माजा जाता है उसी प्रकार व्यक्ति भी अपने अंदर से माजने का ,विशुद्धि का प्रयास करें धर्म सभा में पूज्य श्री सौम्य दर्शन जी म.सा ने फरमाया कि चातुर्मास क्यों करवाया जाता है तो चातुर्मास शब्द में ही इसका उत्तर दिया है कि चार उत्तम मार्गों पर सरल तरीके से चलने के लिए चातुर्मास करवाया जाता है यह उत्तम मार्ग है ज्ञान दर्शन चरित्र और तप का मार्ग ,इस चतुर्मास काल में गुरुदेव के सानिध्य में प्रवचन आदि के माध्यम से ,आप इन उत्तम मार्गो में अभिवृद्धि करने का पूरा पूरा प्रयास करें। धर्म सभा में गुरुदेव श्री जी के स्वागत में महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण और स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए ,गुरु गुणगान और शुभकामना की कडी में प्रकाश बाई पोखरणा, गुमान सिंह करनावट, संपत राज जी बाबेल ,सुनीता जी खाबिया,हंसराज जी नाबेड़ा , प्राज्ञ युवा मंडल ने अपनी भावनाएं व्यक्त की , प्राज्ञ संघ के पदमचंद खटोड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया धर्म सभा में अनेक स्थानों से श्रद्धालु जन उपस्थित थे सभी को मुनि प्रवर ने धर्म साधना में अग्रसर रहने की मंगल प्रेरणा प्रदान की धर्म सभा का संचालन बलवीर पीपाड़ा ने किया

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