केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में राशन डीलर्स का 4 दिवसीय सामूहिक अवकाश कल से

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 5-FEB-2023 || नसीराबाद || केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में राजस्थान राशन डीलर समन्वय समिति के आव्हान पर प्रदेश के समस्त राशन डीलर कल से 10 फरवरी तक चार दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहेंगे एवं पोस मशीन जीरो वितरण रखते हुए पूर्ण रूप से राशन वितरण बंद रखेंगे । राशन डीलर समन्वय समिति राजस्थान के प्रदेश सलाहकार एवं राशन डीलर एसोसिएशन अजमेर जिला अध्यक्ष दिनेश सिंहल के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत लगभग पिछले 2 वर्षों से 10 किलोग्राम गेहूं प्रति व्यक्ति वितरण हो रहा था जिसका वर्तमान समय में 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति गेहूं वितरण करवाया जा रहा है और वह भी निशुल्क है केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को कम गेहूं मिलने की परेशानी है वही राशन डीलर को निशुल्क वितरण करवाने से कमीशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है । गौरतलब है कि वर्तमान में प्रदेश के राशन डीलर्स को लगभग गत 8 माह से कमीशन भी नहीं दिया गया जिसके कारण प्रदेश के राशन डीलर की स्थिति मानसिक रूप से एवं आर्थिक रूप से दयनीय है । सिंह ने बताया कि राशन डीलर समन्वय समिति राजस्थान के आव्हान पर राजस्थान प्रदेश के लगभग 27000 राशन डीलर चार दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहेंगे तथा पोस मशीन में जीरो ट्रांजैक्शन रखेंगे । जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन : राशन डीलर समन्वय समिति राजस्थान के प्रदेश सलाहकार एवं अजमेर जिला अध्यक्ष दिनेश सिंहल एवम नसीराबाद तहसील अध्यक्ष संदीप मित्तल सहित जिले के अन्य राशन डीलर्स ने अजमेर जिला कलेक्टर को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं राज्य सरकार के खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नाम ज्ञापन देकर प्रदेश के उचित मूल्य दुकानदारों के लिए सम्मानजनक मानदेय की भी मांग की है । मित्तल और सिंघल ने ज्ञापन के जरिए बताया कि आज के परिप्रेक्ष्य में उचित मूल्य दुकानदारों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और वर्तमान में अल्प कमीशन पर कार्यरत हैं जिसके कारण परिवार का गुजारा करना बहुत ही कठिन हो रहा है । सिंघल ने ज्ञापन के जरिए मांग की है कि उचित मूल्य दुकानदारों को लगभग ₹30000 मासिक मानदेय की घोषणा की जाए साथ ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित उचित मूल्य दुकानदारों के प्राधिकार पत्र स्वेच्छा से ट्रांसफर की कार्यवाही को अमलीजामा पहनाया जाए इसके अतिरिक्त गेहूं की छीजत 1% भी दी जाए । सिंघल ने बताया कि जिस प्रकार राजस्थान में कोरोना से मृतक उचित मूल्य दुकानदार के परिवार को 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि देकर पूरे देश में एक रोलमॉडल स्थापित किया है उसी प्रकार उचित मूल्य दुकानदारों को सम्मानजनक मानदेय के रूप में ₹30000 मासिक राशि की घोषणा कर उनके साथ पूर्ण न्याय किया जाए ।

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