सामाजिक व विधिक जागरुकता द्वारा न्याय संभव है

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 21-JAN-2023 || अजमेर || नसीराबाद रोड़ स्थित हुकमचन्द नोबल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के अन्तर्गत "बालिका सुरक्षा एवं विधिक जागरुकता" विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। व्याख्यान के मुख्य वक्ता श्रीमान रामपाल जाट, सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अजमेर रहे। कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रत्ना गौड़ द्वारा प्रमुख वक्ता श्रीमान रामपाल जाट का स्मृति चिह्न एवं पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया। श्री रामपाल जाट जी ने अपने व्याख्यान के माध्यम से स्वयंसेवकों को जानकारी दी कि हमार समाज में प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं का किसी न किसी रूप में शोषण हो रहा है। और इसकी शुरुआत घरों से ही महिलाओं के द्वारा ही होता है। आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के बावजूद भी हमारे देश में महिलाओं की स्थिति दयनीय है। सरकार द्वारा बालिकाओं की सुरक्षा हेतु विभिन्न प्रयास किए गए हैं, जैसे स्पीक अप मोबाईल एप महिलाओं के लिए आरक्षण, कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा दिए गए प्रावधान, महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन सेना में प्रवेश, बालिकाओं को सैनिक विद्यालयों में प्रवेश, लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देना, इत्यादि किए गए हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक निःशुल्क कानूनी सेवाएं पहुँचाना, समस्याओं का सम्मानजनक तरीके से निस्तारण करना, सुलभ एवं सस्ता न्याय दिलाना, समाज में शांति स्थापित करना, जागरुकता का प्रसार करना, निःशुल्क विधिक सहायता देना, निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध करवाना इत्यादि है। समाज में वही उचित न्याय प्राप्त कर सकता है, जो जागरुक हो। मंच संचालन सुश्री कविता गोठवाल द्वारा किया गया।

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