लहरिया उत्सव मनाकर समिति की सदस्याओं ने किया श्रावण का श्रृंगार

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 13-AUG-2021 || अजमेर || श्री दिगम्बर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग अजमेर की सदस्याओं ने सदभावना एवम आपसी मेल झोल बढ़ाने हेतु भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन कर एकता का परिचय दिया इस अवसर पर समिति द्वारा लहरिया उत्सव मनाया गया जिसमें 70 से अधिक सदस्याओं ने भाग लिया युवासंभाग अध्यक्ष मधु पाटनी ने बताया कि देवनगर रोड पुष्कर में स्थापित चित्रकुट गार्डन एंड रिसोर्ट के भव्य हरे भरे बगीचों में आयोजित कार्यक्रम में सभी सदस्याएं लहरिया पहनकर पहुंची जहा उपाध्यक्ष श्रीमती नवल जी छाबडा के संयोजन में लहरिए के गीत गाकर वातावरण को खुशनुमा कर दिया समिति की मदार इकाई की मंत्री श्रीमती सारिका जैन ने मनोरंजक हाऊजी व आनंदनगर इकाई की अध्यक्ष श्रीमती अंजु अजमेरा ने अन्य आकर्षक गेम्स खिलाकर सभी को आनंद की अनुभूति कराई इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसमे श्रीमती पूनम बडजात्या,श्रीमती मनिषा गदिया व श्रीमती सारिका जैन विजयी रही विजेताओं को समीति की संरक्षक श्रीमती आशा जैन शुभम व महिला संभाग अध्यक्ष शिखा बिलाला के कर कमलो द्वारा पुरस्कृत किया गया तत्पश्चात महिलाओं ने तीज के झूले झूले व पूल पर आनंद उठाया साथ ही फिल्मी गानो पर अंताक्षरी खेली व नृत्य कर लुफ्त उठाया सभी समिति सदस्याओं ने एक दूसरे के रक्षासूत्र बांधकर सामूहिक राखी पर्व मनाया इस अवसर पर सभी ने स्वादिष्ट नाश्ते व भोजन का लुत्फ उठाया समिति की मंत्री सोनिका भैंसा ने बताया कि आयोजन स्थल की विशेष व्यवस्था श्रीमती किरन कासलीवाल श्रीमती आशा कासलीवाल व श्रीमती शशि बज ने की ,मिष्ठान आदि की व्यवस्था वरिष्ठ सदस्य श्रीमती नवल छाबडा द्वारा की गई आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती रिंकू कासलीवाल,श्रीमती अनिता बडजात्या,श्रीमती रेणु पाटनी,श्रीमती लता जैन का सहयोग उल्लेखनीय रहा अंत मे समिति की कोषाध्यक्ष सुषमा पाटनी ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया

Comments

Popular posts from this blog

विवादों के चलते हों रही अनमोल धरोहर खुर्द बुर्द व रिश्ते तार तार

अग्रसेन जयंती महोत्सव के अंतर्गत जयंती समारोह के तीसरे दिन बारह अक्टूबर को महिला सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं संपन्न

23 जुलाई रविवार को जयपुर में होने वाले अग्र महाकुंभ में अजमेर से भारी संख्या में शामिल होंगे अग्रवाल बंधु व मातृशक्ति