देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु ली जाने वाली फीस में होंगी कमी तथा फीस को भी अब लेंगें 3-4 किश्तों मेंः- सांसद भागीरथ चौधरी

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 02-JUN-2021 || अजमेर || रिपोर्ट हीरालाल नील ---------------------------------------------------------------------------------------------अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी को देश एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों से उच्च शिक्षा यथा डॉक्टरी, इन्जीनियरिंग एवं एम बी ए कर रहे छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों ने गत वर्ष कोविड-19 के चलते देश व्यापी लॉक डॉउन के दौरान दूरभाष एवं ई-मेल पर प्रार्थना पत्र देकर सम्पर्क कर उनसे शिक्षण संस्थानों द्वारा वर्ष 2020-21 की ली जाने वाली फीस में यथोचित कमी करने के साथ-साथ उक्त फीस की राशि को 3-4 किश्तों में लेने हेतु निवेदन किया था, जिसपर सांसद श्री चौधरी ने तत्समय केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश जी पोखरियाल जी के साथ-साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई जी मोदी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे. पी. नड्डा जी को पत्र लिखकर ई-मेल द्वारा यथोचित कार्यवाही कर उक्त छात्र-छात्राओं के परिवारजनों को राहत देने की मांग रखी थी। *जिस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधीनस्थ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली ने गत माह 05 मई 2021 को आदेश जारी कर 04 बिन्दुओं के अन्तर्गत 01. उच्च शिक्षण संस्थानों/महाविद्यालयों को पूर्ण शुल्क के भुगतान पर जोर नहीं देना चाहिये और सामान्य स्थिति होने तक फीस को 3-4 किस्तों में जमा करनी चाहिये। 02. संकाय के सदस्यों को वेतन एवं अन्य बकाया का भुगतान मासिक समय पर जारी किया जायें तथा लॉक डॉउन के दौरान यदि कोई बर्खास्तगी हो तो वापस लिया जायें। 03. केवल एमओई/यूजीसी/ऐआईसीटीई की अधिकारिक वेबसाईट पर प्रकाशित जानकारी को नियमित रुप से अपडेट के लिये देखा जाना चाहिये। ताकि फर्जी खबरों एवं गलत सूचनाओं एएवं अफवाहों को रोका जा सके। 04. छात्र-छात्राओं को कॉलेजों एवं संस्थानों द्वारा पर्याप्त इन्टरनेट के साथ-साथ अच्छी बैंडविड्थ के अनुपलब्धता में छात्र उपस्थिति नियम में डील दी जायें आदि की पालना हेतुु आदेश प्रसारित कर दिये है। जिसके तहत सम्पूर्ण देश के अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली के अधीनस्थ अनुमोदित संस्थाओं को अक्षरतय कठाई के साथ पालना हेतु निर्देशित किया गया है*। ज्ञात रहें कि गत वर्ष सांसद श्री चौैधरी ने मई 2020, जूलाई 2020 एवं सितम्बर 2020 में पत्र के माध्यम से मांग रखी थी कि वर्तमान में चल रहे वैश्विक कोरोना विपदा कोविड-19 के चलते देश एवं विदेश में सभी औद्योगिक गतिविधियॉ ठप सी हो गयी है। अधिकांशतः देशों में लॉक डाउन चल रहा है जिससे आम आदमी का जन जीवन एवं इनके आय का स्त्रोत भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। हमारे देश भारत में भी निम्न वर्ग के साथ-साथ मध्यम एवं उच्च वर्ग के परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ा है। देश में उच्च शिक्षा में अध्ययनरत यथा MBBS, MBA- IIT, B-tech वं इन्हीं में PG कर रहे छात्र-छात्राओं को आगामी दिनों में फीस के रूप में बहुत बड़ी राशि अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में जमा करानी है। कहीं-कहीं पर निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा इस फीस की राशि के रूप में 40 से 50 लाख रूपये सालाना तक ली जा रही है, जोकि सर्वविदित है। देश के अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ मुझे दूरभाष एवं ई-मेल के द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में संचालित उक्त उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा वर्तमान कोरोना विपदा समय में छात्र-छात्राओं को ई-मेल कर आगामी शैक्षणिक सत्र 2020-21 की शिक्षण फीस जमा करवाने हेतु नोटिस भेजे जा रहे हैं जिसका एक उदाहरण डी वाई पाटिल ऐजुकेशन सोसायटी हॉस्पिटल कोल्हापुर, महाराष्ट्र द्वारा अपने PG डिग्री में अध्ययनरत विद्यार्थियों को ट्यूशन, विकास एवं होस्टल शुल्क ऑनलाईन या डी डी द्वारा 20 मई 2020 तक जमा कराने हेतु लिखा गया है। अतः वर्तमान में इस कोरोना विपदा काल में लॉक डाउन के चलते यदि आप MBBS, MBA- IIT, B-tech वं इन्हीं में PG कर रहे छात्र-छात्राओं की फीस में कमी कराने के साथ-साथ ली जाने वाली फीस को 3-4 किश्तों में जमा करवाने हेतु देश के सभी विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों को निर्देशित करवाने हेतु आवश्यक आदेश जारी करायेंगे तो यह निश्चित ही छात्रहित में सराहनीय कदम सिद्ध होगा, एवं उनके परिवारजनों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।

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