*अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं मानव अधिकार संस्थान (रजि.)* डॉ बी डी कल्ला को अजमेर की पेयजल समस्या व विधुत सम्बन्धी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया*
||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 20-FEB-2021
|| अजमेर || रिपोर्ट हीरालाल नील------------------------------- अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं मानव अधिकार संस्थान (रजि.) के अजमेर शहर जिलाध्यक्ष पूर्व पार्षद शैलेन्द्र अग्रवाल ने राज. सरकार के ऊर्जा एवं जलदाय विभाग के मंत्री डॉ श्री बी डी कल्ला जी के आज अजमेर आगमन पर उनका मोतियों की माला व शॉल पहनाकर स्वागत किया तथा अजमेर की पेयजल समस्या व बिजली बिल आदि की समस्या के समाधान हेतु विभिन्न मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित करते हुए 2 अलग अलग ज्ञापन पत्र दिये।
शैलेन्द्र अग्रवाल ने आज डॉ बी डी कल्ला जी को दिये ज्ञापन पत्र में लिखा है कि अजमेर में पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। अजमेर स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है और स्मार्ट सिटी में नियमानुसार नियमित रूप से प्रतिदिन पेयजल सप्लाई होनी चाहिये परन्तु दुर्भाग्य की बात है कि अजमेर में गर्मी तो दूर की बात है कई बार सर्दियों में भी 72 घंटे और उससे भी अधिक समय में पेयजल सप्लाई की जाती है।
अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि बीसलपुर परियोजना मुख्यतः अजमेर की प्यास बुझाने के लिए ही तैयार की गयी थी, परन्तु विडम्बना की बात है कि अजमेर में राजनैतिक नेतृत्व की शून्यता और नकारापन के कारण आज अजमेर तो पेयजल समस्या से जूझ रहा है और बीसलपुर बांध से दूसरे जिलों को अजमेर से कहीं ज्यादा मात्रा में पेयजल सप्लाई किया जा रहा है जबकि पहले अजमेर की प्यास बुझाने के बाद ही दूसरे जिलों को पेयजल सप्लाई की जानी चाहिए।
शैलेन्द्र अग्रवाल ने मंत्री श्री कल्ला को लिखा है कि अजमेर की पेयजल समस्या के लिए यहां के विभागीय अधिकारी भी कम दोषी नही है जब बीसलपुर बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी है उसके बावजूद अजमेर में 48 से 72 घंटे में मात्र 45 मिनट के लिए पेयजल सप्लाई करना समझ से परे है। मात्र 45 मिनट दी जाने वाली सप्लाई भी इतनी कम प्रेशर से की जाती है कि जरूरत जितना पानी भी भरना मुश्किल हो जाता है। विभाग द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद कभी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होना, कभी मेंटिनेंस के नाम पर पेयजल सप्लाई बाधित कर आम जनता को समस्या से जूझने को मजबूर किया जाता है।
अग्रवाल ने बताया कि अजमेर में कई कॉलोनियों में पाइप लाइन की समस्या भी है, अजमेर में आबादी के हिसाब से कॉलोनियों में व नजदीकी गावों में पानी के कनेक्शन बढ़ते जा रहे हैं पर पाइप लाइन पुरानी व छोटी होने के कारण प्रत्येक घर तक पर्याप्त मात्रा में पानी नही पहुंच पाता है, अतः अविलम्ब ऐसे क्षेत्रों का सर्वे करवाकर गर्मी से पूर्व ही वहां जरूरत के हिसाब से पाइप लाइन बिछाने की कार्ययोजना भी तैयार की जानी चाहिये।
उन्होंने मंत्रीजी को बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत अजमेर में पानी के स्मार्ट मीटर लगाये जाने हैं यह कार्य भी अभी तक अधूरा पड़ा है, स्मार्ट मीटर लगने के बाद 2 माह में 30 हजार लीटर तक पेयजल उपयोग में लेने पर पेयजल का कोई बिल नही आता है मात्र मीटर सर्विस व स्थाई शुल्क मिलाकर कुल 99 रुपये प्रति 2 माह में जमा कराना पड़ता है। अभी तक अजमेर में लगभग 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों में ही स्मार्ट मीटर लगे हैं, जिनके अभी तक स्मार्ट मीटर नही लगे हैं उन्हें इस योजना का लाभ नही मिल रहा है तथा उन्हें ज्यादा बिल जमा कराना पड़ रहा है। अतः आपसे निवेदन है कि शीघ्रताशीघ्र पूरे अजमेर में स्मार्ट मीटर लगाने के आदेश प्रदान करें।
शैलेन्द्र अग्रवाल ने मंत्री जी से मांग की है कि अजमेर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए तथा कई वर्षों से पेयजल समस्या का सामना कर रहे यहां के नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए अजमेर में नियमित रूप से 24 घण्टे में पूरे प्रेशर के साथ पेयजल सप्लाई करने के आदेश प्रदान कर अनुग्रहित करें ताकि आगामी गर्मी में अजमेर के नागरिकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नही करना पड़े।
शैलेन्द्र अग्रवाल ने बिजली विभाग से सम्बंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी मंत्री श्री कल्ला जी को अलग से ज्ञापन पत्र दिया जिसमें लिखा है कि बिजलीं बिलों में जल सरंक्षण उपकर, नगरीय उपकर, फ्यूल सरचार्ज जैसे उपकर व अतिरिक्त स्थायी शुल्क आदि लगाए जा रहे हैं जिससे बिजली के बिलों ने प्रदेश की जनता की कमर तोड़ दी है अतः बिजलीं बिल के साथ जुड़कर आ रहे विभिन्न उपकर व स्थायी शुल्क हटाकर आम जनता को राहत प्रदान करें। उन्होंने विद्युत विभाग संबधी अन्य कई समस्याओं की और ध्यान आकर्षित कर उनके समाधान की मांग करते हुए सुझाव भी दिये।
मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने शैलेन्द्र अग्रवाल की मांगों पर ध्यान देकर उनके समाधान का विश्वास दिलाया।
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