#AJMER_NEWS अजमेर साहित्य मंच एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय ऑन लाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन
||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 27-AUG-2020 || अजमेर || अजमेर साहित्य मंच एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वाधान में एक राष्ट्रीय ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें अजमेर के साथ साथ देश के अन्य शहरों के कवियों ने भाग लिया । संयोजक प्रदीप गुप्ता के अनुसार कार्यक्रम का आगाज़ कवयित्री छाया शर्मा ने जीवन थम गया श्रमिक चल रहे है कविता से किया ।उसके पश्चात रंजना माथुर द्वारा उमड़ घुमड़ घिर आते बादल ,सुधा मित्तल द्वारा हिन्दी भाषा बने महान , डा नीलमा तिग्गा द्वारा चलो आज कुछ तूफानी हो जाए ,बीकानेर के हास्य कवि बाबू बम चकरी द्वारा वाह रेे ऑन लाइन तूने कर दिया कमाल,वरिष्ठ साहित्यकार उमेश चौरसिया द्वारा हमारी पूरी दुनिया है एक स्त्री , डा विनीता जैन द्वारा बंद किबाडो पर दस्तक हुई रोशनी की , गजलकार डा बृजेश माथुर द्वारा ज़रा देर के है सभी गम यहां, व्यंग्यकार प्रदीप गुप्ता द्वारा व्यंग्य कवि समाज को आइना दिखाता है ,पौराणिक साहित्यकार देव दत्त शर्मा द्वारा तेरी आंखो में अमृत है ,सुमन शर्मा द्वारा आइने में मुझे सूरत नज़र नहीं आती, विनीता बाडमेरा द्वारा बहुत अखरता है तेरा जाना , कुलदीप रत्नू द्वारा सब मिल राग मल्हार गावे,गोविंद भारद्वाज द्वारा देख तू मेरी आंखो के आइने में, दिल्ली के कवि सुधीर सिंह सुधाकर द्वारा कोई आवाज़ ना देगा ,रजनीश मेसी द्वारा सुर्ख फूल उगे जिस्म पर लहू भरमार है , वरिष्ठ कवयित्री पुष्पा शर्मा द्वारा नित नव प्रकृति परिवर्तन ,गंगाधर शर्मा द्वारा कोरोना ने थाम लिया जग का कारोबार एवं काजल खत्री द्वारा उम्र भर वो सफर की मोहब्बत में रहा आदि कविताएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा बृजेश माथुर ने की एवं संचालन प्रदीप गुप्ता द्वारा किया गया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के महा सचिव कुलदीप रत्नू द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
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