उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के पिताजी का दिल्ली में निधन

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 21-APR-2020
|| उत्तर प्रदेश || उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के पिताजी का दिल्ली में निधन
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट (89) का सोमवार सुबह 10:44 बजे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। आनंद सिंह लंबे समय बीमार चल रहे थे। लीवर और किडनी में समस्या बढ़ने के कारण 13 मार्च को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। लेकिन, मल्टीपल ऑर्गन फेल होने के कारण रविवार देर रात उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई थी। अब शव को उनके पैतृक गांव पंचूर (उत्तराखंड) लाया जा रहा है।आनंद को एम्स के एबी 8 वार्ड में भर्ती किया गया था। गेस्ट्रो विभाग के डॉ. विनीत आहूजा की टीम उनका इलाज कर रही थी। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। रविवार को उनका डायलिसिस भी कराया गया था।योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह उत्तराखंड के गढ़वाल जिले के यमकेश्वर के पंचूर गांव के रहने वाले थे। वे वन विभाग में रेंजर थे। साल 1991 में सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद से ही वे अपने परिवार के साथ गांव में रहते थे। योगी आदित्यनाथ के बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट है। उन्होंने बाल्यकाल में ही अपना परिवार छोड़ दिया था और गोरक्षनाथ मंदिर के महंत और नाथ संप्रदाय के संत अवेद्यनाथ के पास चले गए थे। बाद में अवेद्यनाथ की जगह योगी आदित्यनाथ ने ली। योगी आदित्यनाथ चुनाव के सिलसिले में उत्तराखंड जाते थे तो उनका परिवार उनसे मिलने आता था।
सीएम को जब पिता के निधन की जानकारी मिली तो वे कोविड- 19 से संबंधित टीम 11 के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान वे कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। उनकी आंखें नम हो गईं। इसके बावजूद अधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक जारी रखी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के पिता के निधन पर दुःख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने परिवार को एक मार्मिक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा- ‘अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता थे। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, लेकिन कोरोनावायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को यूपी की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्यबोध के कारण मैं नहीं पहुंच सका। कल (21 अप्रैल) अंतिम संस्कार में लॉकडाउन की सफलता और कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं। अपील करता हूं कि अंतिम संस्कार में कम से कम लोग शामिल हों। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।’


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