'खैरियत का तालिब' क़तआत (मुस्तक) शकूर अनवर

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 26-APR-2020
|| कोटा || *खैरियत का तालिब* 


क़तआत (मुस्तक) शकूर अनवर 


 १.) मुसलसल कहा जा रहा है हम से मर्ज है यह मुहलिक तुम इस से डरो ना! मगर क्या करें सब के पीछे पड़ा है वहीं एक कोरोना, वही एक कोरोना
२.)  हम अपनी अना को लड़ाते रहे,पड़ा हमको महंगा यू नफरत का बोना!
जो बोया है हमने वही काटते हैं जमीन से उगा है कोरोना , कोरोना 


३.) मेरे दोस्त मायूसी अच्छी नहीं है किया अपना खुद ही भरेगा कोरोना, 
अगर हौसला अपना टूटा नहीं तो डरेगा कोरोना,मरेगा कोरोना  
।।। 
*शकूर अनवर*
शमीम मंजिल, सेठानी चौक 
कोटा राजस्थान
*पयाम ए राजस्थान*
 की ओर से शादी की सालगिरह की तहेदिल से मुबारकबाद


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