अजमेर साहित्य मंच के तत्वावधान में संयोजक प्रदीप गुप्ता द्वारा एक राष्ट्रीय ऑन लाईन काव्य का आयोजन किया गया ।

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 01-APR-2020
|| अजमेर || अजमेर साहित्य मंच के तत्वावधान में संयोजक प्रदीप गुप्ता द्वारा एक राष्ट्रीय ऑन लाईन काव्य का आयोजन किया गया । जिसमें अजमेर एवं देश के अन्य शहरों के साहित्यकारों ने भाग लिया । कार्यक्रम का आगाज़ कवयित्री विनीता बाड़मेरा  ने कविता वो फिर से तुम्हारी प्रेयसी होना चाहती है से किया ॥ उसके बाद काजल खत्री ने प्रेम कभी इतना कमजोर नही हो सकता , पूर्णिमा शर्मा द्वारा मेरे लिये मेरी सारी दुनिया है मेरा घर , मीना सोनी द्वारा कुरुक्षेत्र के ईस  रण में आगे आग का दरिया है , डा चेतना उपाध्याय द्वारा अब  घरों में ना बच्चों की किलकारी , ग़ज़लकार रजनीश मेसी द्वारा साये ही साये हैं उजालों के दरमियां , पुष्पा शर्मा द्वारा दोहे आज मौन मानव हुआ किया प्रकृति परिहास , जगदीप कौर द्वारा अन्तर्मन के अंधियारों को प्रकाश तुम दिखलाओ माँ , कवयित्री सुमन शर्मा द्वारा दर्द ये आंसुओं में बहाया ना जाऐगा , दिल्ली की कवयित्री सरला ओझा द्वारा माँ की वन्दना हे कल्याणी अम्बिके रखना मुझमें नेह , फतेहगढ़ के वीर रस के कवि विष्णु द्विवेदी द्वारा जिस नैनन में शर्म नही नेत्र हीन करना होगा , ग़ज़लकार डा  बृजेश माथुर द्वारा खिजां आये सलीके से यहाँ बगीचे में महकदारी रहे बस , भरतपुर के गीतकार गौरव दुबे द्वारा आंख नही अख़बार बसे हैं आँसू में , व्यंग्यकार प्रदीप गुप्ता द्वारा व्यंग्य जिन्दगी की क़द्र करलो ये जिन्दगी बड़ी खूबसूरत है , वरिष्ठ साहित्यकार उमेश चौरसिया द्वारा अजमेर पे हमको नाज़ है , वरिष्ठ ग़ज़लकार गोपाल गर्ग द्वारा सूख चुका है मन का मौसम अब क्या करने को महके हो , पौराणिक साहित्यकार देव दत्त शर्मा द्वारा धरती सी क्षमावान है माँ , डा विनिता अशित  जैन द्वारा द्वन्द छिपे हैं कितने भीतर तू उनकी राह बुहार दे , राजेश भटनागर द्वारा आदमी अपने घर लौट रहा है , मराठी कवयित्री डा नीलिमा तिग्गा द्वारा अलविदा कह रहीं हैं खिलखिलाती यादें , नलिनी उपाध्याय द्वारा उठो शक्ति वाहिनी दुर्गा सी तुम एवं युवा कवयित्री अन्जान अमन द्वारा जिन्दा लाशों की इसे भगदड़ ने खो दिया माँ का खत आदि रचनाऐं प्रस्तुत कीं । कार्यक्रम का संचालन व्यंग्यकार प्रदीप गुप्ता द्वारा किया गया ॥


Comments

Popular posts from this blog

विवादों के चलते हों रही अनमोल धरोहर खुर्द बुर्द व रिश्ते तार तार

अग्रसेन जयंती महोत्सव के अंतर्गत जयंती समारोह के तीसरे दिन बारह अक्टूबर को महिला सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं संपन्न

23 जुलाई रविवार को जयपुर में होने वाले अग्र महाकुंभ में अजमेर से भारी संख्या में शामिल होंगे अग्रवाल बंधु व मातृशक्ति