मस्जिद मुमताज बाग कमेटी पर अनियमितताअाें का अाराेप, काेर्ट अादेशाें की पालना नहीं कर रही कमेटी

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 06-DEC-2019
|| जयपुर ||मस्जिद मुमताज बाग कमेटी पर अनियमितताअाें का अाराेप, काेर्ट अादेशाें की पालना नहीं कर रही कमेटी 
-हाईकाेर्ट ने कमेटी सेक्रेटरी काे किराए की राशि बैंक में जमा करवाने अाैर स्वयं के स्तर पर मस्जिद के खर्च उठाने के अादेश दिए थे, मस्जिद मुम्ताज बाग बचाओ संघर्ष समिति का अाराेप चंदा उगाकर दी जाती है इमाम की तनख्वाह


जयपुर। एमअाई राेड़ स्थित मस्जिद मुमताज बाग की वर्तमान कमेटी पर अनियमितताअाें के अाराेप लगे है। शिकायतकर्ताअाें का अाराेप है कि कमेटी हार्ईकाेर्ट के अादेशाें के बावजूद मस्जिद का खर्च स्वयं के स्तर पर न कर नमाजियाें से चंदा उगाकर खर्च उठा रही थी, जबकि उच्च न्यायालय ने कमेटी के तत्कालीन सेक्रेटरी अब्दुल अजीज काे मस्जिद के इमाम की तनख्वाह, नल, बिजली का खर्च स्वयं के स्तर वहन करने अाैर क्लेम न करने का अादेश दिया था। इस मामले काे लेकर शिकायतकर्ताअाें ने वक्फ बाेर्ड काे भी पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की मांग की लेकिन बाेर्ड स्तर काेई कार्रवाई नहीं हुई। मस्जिद मुमताज बाग बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रहीस कुरैशी,मुख्य संरक्षक शाबीर कुरैशी,प्रवक्ता फकरूद्दिन गौरी,सह संयोजक आबिद का अाराेप है कि काेर्ट ने मस्जिद की दुकानाें का किराया बैंक में जमा करवाने के अादेश भी दिए थे जबकि कमेटी के वर्तमान सेक्रेटरी माे. रफीक काेटा में रहते है, एेसे में किराया लिया भी जा रहा है या नहीं इसमें काेई पारदर्शिता नहीं है। माे. रफीक का कहना है कि वे कमेटी से इस्तीफा दे चुके है। इस मामले काे लेकर नमाजियाें ने मस्जिद मुम्ताज बाग बचाओ संघर्ष समिति बना रखी है जाे वर्तमान में मस्जिद के इमाम की तनख्वाह चंदा उगाकर दे रही है। मस्जिद कमेटी के सदस्य इब्राहीम शम्सी ने बताया कि वे कमेटी में सदस्य जरूर है लेकिन उन्हें ना ताे मीटिंग की जानकारी दी जाती अाैर ना ही बुलाया जाता। 


1959 में जमीन दानदाता ने पहली कमेटी बनाई थी
मस्जिद मुमताज बाग की पहली कमेटी गठन का साल 1959 में हुअा था। मस्जिद जमीन दानादाता नवाब मुकर्रम ने मस्जिद के रख रखाव के लिए 7 सदस्यीय बाेर्ड बनाया था। इसमें नियम थे कि सदस्याें में से यदि किसी सदस्य का इंतकाल हाे जाता है या काेई सदस्य विदेश चला जाता है ताे नए सदस्य की नियुक्ति बाकी सदस्याें की सहमति अाैर बहुमत के फैसले के अाधार पर हाेगी। इस दाैरान 7 में से 6 सदस्याें का इंतकाल हाे गया, बाकि बचे एक सदस्य भी कमेटी से हट गए अाैर साल 1997 में 7 नए सदस्याें की कमेटी का गठन कर दिया। इसके बाद वक्फ बाेर्ड अाैर कमेटी के मालिकाना हक काे लेकर विवाद भी हुअा। वक्फ बाेर्ड अाैर कमेटी के बीच विवाद अभी भी हाईकाेर्ट में विचाराधीन है।


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