अजमेर मंडल के मेल/एक्सप्रेस गाडिओं के लोको पायलट श्री गोविन्द राम और रामप्रसाद टांक ने अगस्त माह में सर्वाधिक डीजल की बचत की, प्रशंसा पत्र से सम्मानित

||PAYAM E RAJASTHAN NEWS|| 21-OCT-2021 || अजमेर || रिपोर्ट हीरालाल नील ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ अजमेर मंडल के उदयपुर स्टेशन मुख्यालय के अधीन कार्यरत लोको पायलट श्री गोविन्द राम तथा अजमेर स्टेशन मुख्यालय के अधीन कार्यरत लोको पायलट श्री रामप्रसाद टांक ने अगस्त माह में मेल/एक्सप्रेस गाडिओं के संचालन में सर्वाधिक डीजल की बचत कर प्रशंसनीय कार्य किया है, मंडल रेल प्रबधंक श्री नवीन कुमार परसुरामका के निर्देश पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इन्जिनियर श्री मनमोहन मीणा द्वारा श्री गोविन्द राम तथा रामप्रसाद टांक को प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया है | वर्तमान परिपेक्ष में ईंधन भारत वर्ष के लिये ही नहीं अपितु पुरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण वस्तु है यदि उसे बचाने के लिये व्यक्ति किसी भी रूप में अपना सहयोग देता है तो वह निःसदेह राष्ट्र के लिये और आने वाली पीढी के लिये बहुत उपयोगी है, क्योकि सर्व विदित है कि तेल के भण्डार सीमित है। उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मण्डल मे लोको पायलेट मेल/एक्सप्रेस के रूप मे कार्यरत श्री गोविन्द राम तथा रामप्रसाद टांक ने माह अगस्त 2021 के दौरान अपनी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए मुख्यालय द्वारा निर्धारित एस एफ सी (स्पेसिफिक फ्यूल कंजम्पशन) से क्रमशः 30.93 तथा 30.33 प्रतिशत एस एफ सी कम रखकर कम ईंधन (फ्यूल) की खपत की व रेलवे राजस्व बचाया। अन्य सामान्य शब्दों में उदाहरण के लिए यह कहा जा सकता है की इन्होने संरक्षा व सुरक्षा के सभी मापदंडों को अपनाते हुए जहाँ गाड़ी संचालन हेतु 100 लीटर डीजल की आवश्यकता थी, वहां इनके द्वारा अपने विवेक और कार्यकुशलता के फलस्वरूप लगभग 70 लीटर डीजल की खपत की गई इस प्रकार लगभग 30 लीटर डीजल बचाया जो की लोको पायलट मेल/एक्सप्रेस श्रेणी में मंडल पर सर्वाधिक है | मंडल रेल प्रबंधक श्री नवीन कुमार परसुरामका ने श्री गोविन्द राम तथा रामप्रसाद टांक की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक प्रशंसनीय कार्य है, ईंधन बचाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है और लोको पायलट जैसे पद पर कार्यरत रेल कर्मियों के लिए ईंधन बचत और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्यों की ईंधन (डीजल) से उनका सीधा संबंध होता है| ईंधन की बचत से रेल राजस्व की तो बचत होती ही है साथ ही परोक्ष रूप से पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है| आपसे अपेक्षा की जाती है कि इसी प्रकार आगे भी डीजल ईंधन (फ्यूल) की बचत करते हुए अपने अन्य साथी लोको पायलेट को भी ऐसा करने के लिये प्रेरित करेंगे।

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